:
Breaking News

NEET UG 2026: AI और CCTV से 150 से ज्यादा संदिग्ध अभ्यर्थी चिन्हित, NTA करेगी सख्त जांच

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

NEET UG 2026 परीक्षा में AI और CCTV निगरानी से 150 से अधिक संदिग्ध अभ्यर्थी चिन्हित हुए हैं। NTA जांच कर रही है और सख्त कार्रवाई संभव है।

देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 इस बार सिर्फ परीक्षा नहीं रही, बल्कि हाईटेक निगरानी और डिजिटल सुरक्षा का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। 4 मई को आयोजित इस परीक्षा में करीब 97 प्रतिशत अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड माना जा रहा है। लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद जो खुलासे सामने आए हैं, उन्होंने पूरे सिस्टम में हलचल मचा दी है।

परीक्षा का संचालन करने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पहली बार बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया। इसी हाईटेक सिस्टम की मदद से 150 से अधिक ऐसे अभ्यर्थियों की पहचान की गई है, जिनकी गतिविधियां सामान्य परीक्षा मानकों से अलग पाई गईं। अब इन सभी मामलों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

इस बार परीक्षा केंद्रों पर AI आधारित फेस रिकॉग्निशन और बिहेवियर एनालिसिस तकनीक लगाई गई थी। कैमरों की मदद से हर अभ्यर्थी की गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी रखी गई। जिन छात्रों का व्यवहार संदिग्ध पाया गया, जैसे बार-बार इधर-उधर देखना, संकेतों के जरिए संवाद करने की कोशिश करना या नकल जैसी गतिविधियों की संभावना, उन्हें सिस्टम ने तुरंत चिन्हित कर लिया।

कुछ मामलों में सबसे बड़ा संदेह तब पैदा हुआ जब एडमिट कार्ड पर मौजूद फोटो और परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी के चेहरे में अंतर पाया गया। इससे डमी कैंडिडेट यानी किसी और की जगह परीक्षा देने की आशंका भी सामने आई है। यह मामला परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।

जांच के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों से और भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। कुछ अभ्यर्थियों के पास मोबाइल फोन पाए गए, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा कुछ एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ के संकेत भी मिले हैं। खासकर अजमेर और रायपुर के परीक्षा केंद्रों को लेकर गड़बड़ी की आशंका अधिक जताई जा रही है, जहां जांच को और तेज कर दिया गया है।

परीक्षा से पहले भी NTA ने सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए थे। लगभग 75 से अधिक टेलीग्राम चैनलों पर नजर रखी गई, जहां पेपर लीक या गलत जानकारी फैलाने की कोशिशों की आशंका थी। इसके अलावा परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी ताकि किसी भी तरह की धांधली को रोका जा सके।

अधिकारियों के अनुसार, AI सिस्टम ने जिन 150 से अधिक अभ्यर्थियों को चिन्हित किया है, उनके व्यवहार और गतिविधियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। अब इन सभी उम्मीदवारों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

संभावित कार्रवाई में परीक्षा से निष्कासन, भविष्य की परीक्षाओं पर प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई तक शामिल हो सकती है। NTA ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इस पूरे मामले ने देश की परीक्षा प्रणाली में तकनीक की बढ़ती भूमिका को भी उजागर किया है। AI और डिजिटल निगरानी के कारण अब नकल या फर्जीवाड़ा करना पहले की तुलना में काफी मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस तरह की हाईटेक निगरानी सभी बड़ी परीक्षाओं में अनिवार्य हो सकती है।

कुल मिलाकर NEET UG 2026 परीक्षा एक तरफ जहां रिकॉर्ड उपस्थिति और तकनीकी प्रगति का उदाहरण बनी, वहीं दूसरी तरफ संदिग्ध गतिविधियों के खुलासे ने परीक्षा व्यवस्था की गंभीरता और सख्ती को भी उजागर किया है। अब सभी की नजर NTA की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *